केन्द्रीय मंत्रियों की बैठक में बड़ा फैसला, Dharuhera में जमा होने वाले दूषित पानी की 200 करोड़ रुपए से होगी निकासी
बैठक में केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भिवाड़ी की ओर से आ रहे हैं दूषित पानी का स्थाई हल किया जाए नहीं तो भविष्य में स्थिति और गंभीर बनी रहेगी

Dharuhera : धारुहेड़ा में सड़कों पर जमा होने वाले दूषित पानी और मसानी बैराज की सफाई को लेकर दिल्ली में केन्द्रीय मंत्रियों के बीच एक गहन मंथन वाली बैठक का आयोजन किया गया जिसमें फैसला लिया गया है कि लगभग 250 करोड़ रुपए की लागत से धारुहेड़ा में जमा होने वाले दूषित पानी की निकासी का प्रबंध किया जाएगा । इसके अलावा फैसला लिया गया है कि लगभग 150 करोड़ रुपए की लागत से रेवाड़ी जिले में मसानी बैराज का पानी भी निकाला जाएगा ।
केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के निवास पर राजस्थान के भिवाड़ी से धारूहेड़ा में आ रहे प्रदूषित पानी व नेशनल हाईवे पर जमा होने वाले प्रदूषित पानी की निकासी कहां ढूंढने के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल के मौजूदगी में गहन मंथन किया गया । बैठक में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, हरियाणा के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर भी विशेष रूप से मौजूद रहे ।

बैठक में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत ने कहा कि राजस्थान की भिवाड़ी से लगातार प्रदूषित पानी हरियाणा के धारूहेड़ा की ओर छोड़ा जा रहा है जिससे वहां गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। उन्होंने कहा कि दूषित पानी से लोगों के जीवन को बचाने के लिए हरियाणा की ओर से बनाए गए ब्रेकर को भी रातों-रात तोड़ दिया गया। भिवाड़ी राजस्थान का केमिकल युक्त पानी धारूहेड़ा में लगातार पिछले 10 दिन से जमा हो रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के दूषित पानी को किसी भी सूरत में हरियाणा की ओर नहीं लेंगे।
राव ने बैठक में कहा कि राजस्थान सरकार अपने औद्योगिक पानी को शुद्ध करने का उपाय जल्द से जल्द शुरू करें । उन्होंने कहा कि राजस्थान के दूषित पानी से धारूहेड़ा के लोगों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है । राव ने कहा कि प्राकृतिक बहाव भिवाड़ी से धारूहेड़ा की ओर है वर्षों पूर्व केवल बरसाती पानी है भिवाड़ी की ओर से धारूहेड़ा में आता था लेकिन अब पिछले 6- 7 वर्षों से भिवाड़ी का औद्योगिक प्रदूषण पानी धारूहेड़ा की ओर बहाया जा रहा है ।
बैठक में निर्णय लिया गया कि मानसून के दौरान भिवाड़ी की ओर से आने वाले बरसाती पानी को निकलने के लिए नेशनल हाईवे के साथ-साथ करीब 6 किलोमीटर लंबा नाला बनाया जाएगा जिसका खर्चा राजस्थान – हरियाणा सरकार बराबर अनुपात में खर्च करेगी वहीं शेष राशि सड़क परिवहन मंत्रालय की तरफ से खर्च की जाएगी ।
बैठक में केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भिवाड़ी की ओर से आ रहे हैं दूषित पानी का स्थाई हल किया जाए नहीं तो भविष्य में स्थिति और गंभीर बनी रहेगी । उन्होंने सुझाव दिया कि भिवाड़ी के प्रदूषित पानी को भिवाड़ी क्षेत्र में ही शुद्ध कर उसे औद्योगिक क्षेत्र व किसानों को बेचा जाए ।
उन्होंने कहा कि बरसाती पानी निकासी का हल सड़क एवं परिवहन मंत्रालय कर सकता है लेकिन प्रदूषित पानी की समस्या को हरियाणा व राजस्थान को मिलकर ही हल करना होगा । बैठक में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि 40 एमएलडी के एसटीपी मार्च माह में भिवाड़ी में शुरू कर दिए जाएंगे जिससे काफी हद तक प्रदूषित पानी को काबू किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि जल्द ही भिवाड़ी में सीटीपी का प्लांट भी चालू हो जाएगा ।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल ने केंद्रीय मंत्री गडकरी को आश्वस्त किया कि मार्च माह तक भिवाड़ी के एसटीपी का कार्य पूरा कर लिया जाएगा और उसके बाद दूषित पानी की स्थिति पर काबू पाया जा सकेगा। उन्होंने हरियाणा सरकार की ओर से भी सहयोग की आवश्यकता है और वह अपने शहरों के दूषित पानी को भी मसानी बैराज में जाने से नियंत्रित करें। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक ढलान धारूहेड़ा की ओर होने के कारण मानसून के दिनों में और अधिक समस्या का सामना दोनों राज्यों को करना पड़ता है।

बैठक में राजस्थान सरकार के मंत्री सहित हरियाणा सरकार के मंत्री राव नरबीर, सड़क एवं परिवर्तन मंत्रालय के सचिव उमाशंकर, राजस्थान के वरिष्ठ अधिकारी, हरियाणा के सिंचाई विभाग के एसीएस अनुराग अग्रवाल शाहिद नेशनल हाईवे की व्यवस्था अधिकारी उपस्थित थे।












